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ग़रीबों का सहारा: शान-ए-गौस पाक।

✨ गौस पाक की शान ✨

हर दिल की तमन्ना, हर रूह की है पहचान,
गौस पाक हैं वो, जो करते हैं मेहरबान।

तेरे दर का ग़ुलाम हो, यही है मेरी ज़िंदगी,
तेरी नज़रों के सदक़े, मिले दिल को बंदगी।

जहाँ भी अँधेरा था, वहाँ नूर बरसा दिया,
गौस पाक ने हर ग़म को, करम से मिटा दिया।

औलिया के ताजदार, अंबिया के भी गुलाम,
तेरे दर की फ़िज़ाओं से, महके सारा जहान।

ए एजाज़ क़ादिरी, तू यही नग़्मा सुनाए,
गौस पाक के सदक़े, दिलों में नूर समाए।

🌙 Ya Ghaus-e-Pak Madad 🌙
ग़रीबों का सहारा: शान-ए-गौस पाक।

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