राष्ट्रीय सकारात्मक सोच दिवस पर सूफी एजाज़ आलम खान कादरी का संदेश
राष्ट्रीय सकारात्मक सोच दिवस के मौके पर दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम दमया परसा के प्रिंसिपल सूफी एजाज़ आलम खान कादरी ने क्लास 10 और 12 के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंसान के जीवन में चेतन मन और अवचेतन मन की अहम भूमिका होती है।
उन्होंने बताया कि चेतन मन से इंसान सोचता, निर्णय लेता और तर्क-वितर्क करता है। लेकिन इसकी क्षमता सीमित है। वहीं, अवचेतन मन वह शक्ति है जो पर्दे के पीछे लगातार काम करता है और जिसमें हमारी यादें, आदतें, विश्वास और अनुभव संग्रहित रहते हैं।
सूफी साहब ने कहा कि हमें अपने चेतन मन को हमेशा सकारात्मक विचारों में लगाना चाहिए। अच्छी आदतें अपनाएँ, नेक लोगों की संगत करें, मां-बाप और उस्ताद की हिदायतों पर अमल करें और बुरी संगत से दूर रहें।
उन्होंने कहा कि जब इंसान रोज़ाना सकारात्मक सोच के साथ काम करता है, तो वे विचार अवचेतन मन में जमा होकर उसकी पूरी ज़िंदगी को बेहतर और सफल बना देते हैं।
सूफी एजाज़ कादरी ने यह भी कहा कि आगामी बोर्ड परीक्षा में बेहद सम्मान पूर्वक आप सब पास होंगे अगर यह बात आप सब अपने दिमाग में बैठा लिए और आज से ही सकारत्मक सोच के साथ सकारात्मक कार्य करे और अपने विषय की तैयारी सकारत्मक मन से सूची बनाकर करे तो अवचेतन मन में सब फीड रहेगा और सकारात्मक तरीके से जरूरत पड़ने पर वो देगा और सफलता कदम चूमेगी।

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