🌍 विश्व छात्र दिवस पर दमया परसा के दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम में प्रेरणादायक आयोजन
🗓️ 15 अक्टूबर 2025 | 📍 बस्ती, उत्तर प्रदेश
बस्ती (उत्तर प्रदेश): दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम, दमया परसा में विश्व छात्र दिवस बड़े ही जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर संस्थान के प्रिंसिपल सूफी एजाज़ आलम खान कादरी ने छात्रों को जीवन में सफलता और प्रेरणा के मंत्र दिए।
💫 डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के विचारों से मिला उजाला
सूफी साहब ने बताया कि यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जयंती को समर्पित है। उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि —
“सपना वो नहीं जो हम सोते वक्त देखते हैं, बल्कि सपना वो है जो हमें सोने न दे।
अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो, तो पहले सूरज की तरह जलो।”
उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन से हर सपना साकार किया जा सकता है। जो व्यक्ति अपने सपनों को पूरा करने के लिए समर्पित रहता है, वही समाज और देश के विकास में योगदान देता है।
🎓 छात्र ही भारत का भविष्य
सूफी साहब ने कहा कि विद्यार्थियों का देश निर्माण में हमेशा से अहम योगदान रहा है और रहेगा। आज का छात्र ही कल के विकसित भारत की बुनियाद रखता है। उन्होंने सभी छात्रों को निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
👥 कार्यक्रम में शामिल रहे
इस अवसर पर रिजवान खान, मकसूद अहमद खान, फातमा इदरीसी और सोनी चौधरी सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर छात्रों को शुभकामनाएँ दीं और विश्व छात्र दिवस की बधाई दी।
🪶 निष्कर्ष:
डॉ. कलाम साहब के विचार हमें यह सिखाते हैं कि सपनों को सच करने के लिए मेहनत अनिवार्य है। यदि हर छात्र अपनी क्षमता पहचान ले, तो भारत निश्चित रूप से एक विकसित राष्ट्र बनेगा।

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