आत्मकथा – सूफी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी
अस्सलामु अलैकुम। मैं सूफी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी, बस्ती (उत्तर प्रदेश) से ताल्लुक़ रखता हूँ। मेरा जीवन धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में लोगों की सेवा और मार्गदर्शन करने के लिए समर्पित रहा है।
रूहानी मार्ग और पीर-ओ-मुरशिद:
मैं हजरत सय्यद शेख अब्दुल कादिर जिलानी रजिअल्लाहु तआला अन्हु का कल्बी और रूहानी मुरीद हूँ। मैं बड़ी ग्यारहवीं शरीफ, सन 2014 ई0 में गौस पाक के रूहानी फैज़ से मुरीद बना हूँ।
पद और ज़िम्मेदारियाँ:
प्रिंसिपल – दारुल उलूम इस्लामिया फैज़ाने आलम, दमया परसा, जिला बस्ती।
अध्यक्ष – आलम रूहानी मिशन, बस्ती।
डिप्टी एडिटर – AKP NEWS 786।
संदेश और विचारधारा:
मैं हमेशा लोगों को इस्लामी तालीम, अख़लाक़, मोहब्बत और भाईचारे का पैग़ाम देता हूँ। मेरा मानना है कि हमें किसी भी फिरके में बंटने की बजाय सुन्नी मुसलमान के रूप में एकजुट रहना चाहिए और अमन-ओ-शांति फैलानी चाहिए। मैं यही कहता हूँ कि इल्म (ज्ञान) और तालीम ही इंसान को समाज में बुलंदी पर ले जाती है।
सामाजिक कार्य और सेवा:
आलम जन सेवा संस्थान, बस्ती के बैनर तले आलम रूहानी मिशन, बस्ती और दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम दमया परसा, बस्ती के ज़रिए मैं समाज में धार्मिक, शैक्षिक, एकता, भाईचारा जागरूकता फैलाने का काम करता हूँ।
कुरान-हदीस और तिब्बे नबवी से रूहानी नुक्शे और पीर गौस पाक के रूहानी फैज़ से रूहानी इलाज, बग़ैर उजरत (निःशुल्क), आम जनता की खिदमत के लिए हर इतवार और जुमेरात को करता हूँ।
पर्यावरण संरक्षण के लिए नीम और आम के पौधे लगाकर लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करता हूँ।
स्कूल और मदरसों में बच्चों को दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम पर भी निरन्तर जोर देता हूँ।
विशेषताएँ और दृष्टिकोण:
मेरी शख्सियत सूफियाना रंग-ओ-अंदाज़ और दरगाही मोहब्बत से जुड़ी है। मैं समाज में मोहब्बत, इत्तेहाद और इंसानियत की शिक्षा फैलाने वाले उलेमा में से हूँ।
पिता/उस्ताद:
ख़ादिम-ए-रसूलुल्लाह ﷺ पीर मोहम्मद जावेद आलम खान।
निवास:
1361/6 जयपुरवा, गांधी नगर, कोतवाली, जिला बस्ती, उत्तर प्रदेश।
मेरी यही कोशिश रहती है कि लोगों तक रूहानी, शैक्षणिक और सामाजिक ज्ञान पहुँच सके और हर इंसान के दिल में मोहब्बत और भाईचारे की भावना बनी रहे।
आपका
सूफी एजाज़ आलम खान कादरी
संपर्क और व्हाट्सएप नंबर 91+9451437422

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