✨ हज़रत मुहम्मद ﷺ और बकरी का गोश्त ✨
एक बार हज़रत आयशा रज़ि. ने एक बकरी ज़बह़ की और उसका ज़्यादातर हिस्सा गरीबों में बाँट दिया।
रसूलुल्लाह ﷺ घर आए और पूछा:
"ऐ आयशा! क्या बचा?"
हज़रत आयशा रज़ि. ने अर्ज़ किया:
"या रसूलल्लाह ﷺ! कुछ भी नहीं बचा, बस उसका कंधा हमारे पास है।"
इस पर रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
"नहीं आयशा! सब कुछ बचा है सिवाय इस कंधे के।"
"नहीं आयशा! सब कुछ बचा है सिवाय इस कंधे के।"
📌 सीख:
अल्लाह की राह में जो खर्च किया जाता है, वही असल में हमेशा के लिए बचता है।
📖 हवाला:
तिर्मिज़ी (हदीस 2470), मुसनद अहमद
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