या नबी, सलाम अलैका, या रसूल, सलाम अलैका,
या हबीब, सलाम अलैका, सलवातुल्लाह अलैका।
नूर-ए-मोहम्मद से रोशन है, ये सारी कायनात,
हर तरफ है, ईद-ए-मिलाद की, खुशियों की सौगात।
आए हैं, दीवाने महफिल में, उनके दीदार को,
हर दिल में है, बस एक ही तमन्ना, उनके प्यार को।
सजा है, ये महफिल, या नबी, आपके लिए,
हर लम्हा है, आपके करम के, एहसान के लिए।
ईदमिलादुन्नबी की आप सब को बहुत-बहुत मुबारकबाद।
नोट
आगामी 4 सितंबर दिन जुमेरात सुबह 10 बजे से ईद मिलादुन्नबी प्रोग्राम दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम, दमया परसा में इंशाअल्लाह होगा।
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