1
हर नमाजी के लब पर यही दुआ है,
नबी की महफ़िल में हाजिरी अता हो।
2
अंधेरों से निकलकर, रौशनी की तरफ चले हैं,
महफ़िल-ए-नबी में इबादत करने हम निकले हैं।
3
दिल में तमन्ना है, आँखों में अश्क हैं,
महफ़िल-ए-नबी में बसने का शौक है।
4
जिंदगी की महक बन गए हो तुम,
महफ़िल-ए-नबी में आए हैं हम।
5
मुबारक है वो पल जब खुदा का करम होता है,
नबी की महफ़िल में हर पल एक नया रहम होता है।
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